श्री नकरया बाबा: एक धार्मिक स्थान

Swami Antar Jashan
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धार्मिक स्थान :श्री नकरया बाबा
(
जय हो ,जय हो)

नमस्ते! मैं स्वामी अंतर जशन हूँ। भागदौड़ भरी इस डिजिटल दुनिया में हम अक्सर शांति की तलाश में दूर-दूर जाते हैं, लेकिन कभी-कभी सुकून हमारे पास ही किसी प्राचीन वृक्ष की छाँव या किसी पवित्र स्थान की मिट्टी में छुपा होता है। आज मैं आपको ले चलता हूँ एक ऐसे ही पावन धाम— 'श्री नकरया बाबा' के दर्शन कराने।

यह लेख केवल एक स्थान की जानकारी नहीं, बल्कि वहाँ की ऊर्जा और मेरी व्यक्तिगत यात्रा का अनुभव है।

आस्था का केंद्र: श्री नकरया बाबा

हर स्थल का अपना अपना इतिहास और धार्मिक महत्त्व होता है। ऐसा ही एक स्थान है श्री नकरया बाबा. जो कि एक धार्मिक स्थल (मतलब पूज्यनीय जगह), लोग दूर-दूर से यहाँ दर्शन करने आते है |

श्री नकरया बाबा का स्थान केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। यहाँ पहुँचते ही जो पहली चीज़ महसूस होती है, वह है— 'नीरवता' (Silence)। शहर के शोर से दूर, यहाँ की हवाओं में एक अलग ही पवित्रता है।

इस स्थान की खासियत:

  • प्राकृतिक सौंदर्य: यह स्थान घने पेड़ों और शांत वातावरण से घिरा हुआ है, जो ध्यान (Meditation) के लिए सर्वोत्तम है।

  • अध्यात्म और शांति: यहाँ की सादगी ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। यहाँ कोई ताम-झाम नहीं, बस भक्त और भगवान के बीच का सीधा संवाद है।

  • स्थानीय मान्यता: स्थानीय लोगों के अनुसार, नकरया बाबा के दर से कोई खाली हाथ नहीं लौटता। यहाँ मांगी गई मन्नतें ज़रूर पूरी होती हैं।

कहाँ है : सागर जिले के ग्राम पड़वार  से लगभग 3 कि.मी. दूर सागर जंगल रोड में पहाड़ी पर यह स्थान हैं। 

श्री नकरया बाबा Nakarya Baba Temple

धार्मिक स्थान  के बारे में गाँव के लोगों की मान्यता है : 

लगभग सौ साल पहले जंगल में एक सिद्ध बाबा ने सिद्ध स्थान पर महत्वपूर्ण पेड़ के नीचे पत्थरों का चबूतरा बनाया और प्रतिदिन झाड़-पेड़ की डाली तोड़कर चढ़ाने लगे और यह देखकर राहगीर भी वैसा करने लगे, वहां पर मिट्टी के बने घोड़ा, घड़ा बाबा ने रखा और सिद्ध स्थान बनाया और 20-25 फुट पानी पीने के लिए कुआ खोदा जो कि असफल रहा। 

श्री नकरया बाबा Nakarya Baba Temple

पड़वार, राकसी, मठया आदि गांव के किसान सागर गल्ला मंडी (लगभग 15 कि.मी.) अपनी-अपनी बैलगाड़ी से अनाज बेचने जाते थे और झाड़-पेड़ की नकरिया तोड़कर सिद्ध पर चढ़ाते थे और जो भी गढादान फारेस्ट रास्ते से गुजरते थे वे वैसा ही करते थे. प्रसाद नारियल भी चढ़ाते थे सिद्ध स्थान से लगभग 2 कि.मी. पहाड़ी के नीचे सडेरी गांव तरफ एक तालाब किसी ने जानवरों को पानी पीने के लिए बनाया इससे आस-पास पानी का अन्य  कोई साधन नहीं हैं।

श्री नकरया बाबा Nakarya Baba Temple


आस-पास के गांव वाले गर्मी के मौसम में एवं ठंड सीजन में बैलगाड़ियों से परिवार के साथ (पिकनिक एवं दर्शन करने हेतु), गकरयाव (बाटिया) बनाकर खाने सिद्ध स्थान पर आते-जाते रहते है और नारियल प्रसाद चढ़ाकर काम सिद्ध होने की कामना करते है ।

समय बीतते श्रद्धालुओं द्वारा चबूतरा बनवाया और पूजा करनें लगे , बाद में मढ़िया भी बनी ,हेडपंप भी लगा । पंडित लोग आवास बनाकर निरंतर रहने लगें। चैत मास में विगत 4-5 वर्ष से मेला लगता है।  पंडित  एवं  श्रद्धालु धार्मिक आयोजन, कथा प्रवचन कराते हैं। 

श्री नकरया बाबा Nakarya Baba Temple

निवासी पंडितों ने अब लकडया बाबा का सकेत बोर्ड रोड पर लगाया है। श्रद्धालुओं द्वारा मान स्थापना कर पूजा वगैरह करके काम सिद्ध पर भंडारे भी करते है और जंगल में  धार्मिक स्थल प्रसिद्ध हो गया। 

वारछा केरवना, कर्रापुर से 2-3 कि.मी. दूर सागर छतरपुर राजमार्ग है। 

स्वामी अंतर जशन का आध्यात्मिक अनुभव 🧘‍♂️

जब मैं यहाँ पहुँचा, तो मैंने महसूस किया कि हम तकनीक (Tech) और निवेश (Finance) में इतने उलझ गए हैं कि अपनी जड़ों को भूलते जा रहे हैं। नकरया बाबा के दर्शन करते समय मुझे बोध हुआ कि असली 'Wealth' (संपत्ति) मन की शांति है।

मेरी टिप: यदि आप यहाँ जा रहे हैं, तो कम से कम 15 मिनट मौन रहकर वहाँ के वातावरण को महसूस करें। मोबाइल को जेब में रखें और प्रकृति की आवाजों को सुनें।

श्री नकरया बाबा Nakarya Baba Temple

जैसे हम भविष्य के लिए Insurance लेते हैं, वैसे ही मानसिक शांति के लिए ऐसी आध्यात्मिक यात्राएं 'Self-Investment' की तरह हैं। श्री नकरया बाबा का आशीर्वाद हमें जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति देता है।



✍️ लेखक के बारे में (About the Author)

स्वामी अंतर जशन एक अनुभवी ब्लॉगर और निवेशक हैं। वे Financial Education, Investment Psychology और Future Tech को सरल हिंदी में साझा करते हैं। तकनीक के साथ-साथ प्रकृति प्रेमी , भारत की प्राकृतिक धरोहरों को भी दुनिया के सामने ला रहे हैं।

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