हर्डिंग (Herding) और सेल्फ-हर्डिंग: निवेश में अपनी ही भेड़चाल का सच
नमस्ते दोस्तों, मैं हूँ स्वामी अंतर जशन। आज हम अपने दिमाग की उन आदतों को समझेंगे, जो हमें बिना सोचे-समझे गलत निवेश के रास्तों पर चला देती हैं।
हर्डिंग बनाम सेल्फ-हर्डिंग
1. हर्डिंग (Herding): यह वह स्थिति है जहाँ हम सोचते हैं कि "अगर सब लोग इस स्टॉक को खरीद रहे हैं, तो यह सही ही होगा।" हम अपनी तर्कशक्ति (Logic) को भीड़ के शोर में खो देते हैं।
2. सेल्फ-हर्डिंग (Self-Herding): यह बहुत खतरनाक है। हम अपनी ही पुरानी आदतों की लाइन में खुद के पीछे खड़े हो जाते हैं। हमारा दिमाग बार-बार वह फैसले दोहराता है जो उसने अतीत में लिए थे, यह सोचकर कि "पिछली बार ऐसा करने पर मैं सुरक्षित था, तो इस बार भी यही सही होगा।"
यह पैसा कैसे उड़ाता है?
हमारा दिमाग कीमतों की तुलना केवल समान दिखने वाली श्रेणियों (Similar Categories) में कर सकता है। जब एंकरिंग, हर्डिंग और सेल्फ-हर्डिंग तीनों मिल जाते हैं, तो हम ऐसी चीजें खरीद लेते हैं या ऐसे शेयर में पैसा डाल देते हैं जिनकी असली वैल्यू हमारे द्वारा दिए गए दाम से बहुत कम होती है।
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